| Binding | Paperback |
|---|---|
| Language | Hindi | हिंदी |
| Number of Pages | 366 |
| Publisher | Antara Infomedia Pvt. Ltd. |
| Author | Mahesh Chandra Sharma |
| ISBN-10 | 819498128X |
| ISBN-13 | 978-8194981282 |
Jijivisha | जिजीविषा
₹360.00
ये कहानी इसलिए पढ़ी जानी चाहिए कि इसे एक पिता ने अपनी बेटी के साथ जिया है। परदेस में, एक दिन अचानक, एक स्ट्रोक से पूरा जीवन बदल जाता है। पीड़ा से शुरू ये कहानी सहानुभूति से गुजरती हुई जिजीविषा का लेख बन जाता है। इसमें कुछ डायरी शैली है, कुछ जानकारी देने का क्रम, कुछ सब समेट लेने की चाहत। आंतरिक दर्द के साथ मुरझाती बेल को दुबारा हरे होते देखने की उत्कट इच्छा। कष्ट के दिन बीतने के बाद भविष्य की चिंता, समकाल की बुहारी और फिर फिर जीवन में विश्वास।
SKU
Jjvs
Categories Health & Life Style, Non-Fiction
Only logged in customers who have purchased this product may leave a review.
Related products
Hindi Film Sangeet Ka Safar Meel Ke Patthar | हिंदी फिल्म संगीत का सफर मील के पत्थर
₹2,000.00Rated 0 out of 5Apne Gireban Mein | अपने गिरेबान में
Rated 0 out of 5₹795.00Original price was: ₹795.00.₹600.00Current price is: ₹600.00.Hit Updesh – The Book of Razor Management | हिट उपदेश – द बुक ऑफ रेज़र मैनेजमेंट
Rated 0 out of 5₹275.00Original price was: ₹275.00.₹250.00Current price is: ₹250.00.




Reviews
There are no reviews yet.